स्थानांग सूत्र में ध्यान का स्वरूप

Authors

DOI:

https://doi.org/10.69919/qxabfm76

Keywords:

स्थानांग सूत्र, ध्यान, आत्मा की शुद्धि, मोक्ष प्राप्ति, आध्यात्मिक

Abstract

प्रस्तुत शोध “स्थानांग सूत्र में ध्यान की अवधारणा” का दार्शनिक एवं साधनात्मक अध्ययन है। इसमें जैन दर्शन के अनुसार ध्यान के स्वरूप, उसके प्रकार, लक्ष्य तथा कर्म-सिद्धांत से उसके संबंध का विश्लेषण किया गया है। स्थानांग सूत्र में वर्णित आर्त, रौद्र, धर्म और शुक्ल—इन चार प्रकार के ध्यानों के माध्यम से यह स्पष्ट किया गया है कि ध्यान केवल मानसिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि आत्मा की शुद्धि एवं मोक्ष प्राप्ति का प्रभावी साधन है। यह शोध जैन ध्यान परंपरा को वैज्ञानिक, नैतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से समझने का प्रयास करता है।

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Published

08-02-2026

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Section

Articles

How to Cite

Shah, K. (2026). स्थानांग सूत्र में ध्यान का स्वरूप. Divyayatan - A Journal of Lakulish Yoga University, 3(1), 12-16. https://doi.org/10.69919/qxabfm76